ताली बजाने (clapping) के फायदे


ताली बजने के फायदे | Clapping benefits

नमस्ते,
  
अभी किसी को प्रोत्साहित करने के लिए, तो कभी ख़ुशी का इज़हार करने के लिए, ताली तो कई बार बजाई होगी | पर क्या कभी अपने सेहत के लिए आपने कभी ताली बजाई है ?

ताली, योग पद्धति के अनुसार, हमारे हाथों में सभी बीमारयों को ठीक करने के pressure points होते हैं, जिन्हे दबाकर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कई बीमारियों को इलाज़ का इलाज़ किया जाता है |

शरीर में सभी आंतरिक उत्सर्जन सरंचनो के बिंदु हमारी दोनों हथेलियों में हैं | जब हम ताली बजाते हैं, तो उन सभी आंतरिक उत्सर्जन अंगों में उतेज़ना होती है, जिससे हमारा इम्यून सिस्टम (immune system) सुचारु रूप से काम करता है | चूँकि ताली बजाते समय हमें अपनी दोनों हथेलियों पे ज़ोर से एक - दूसरे पे मारना होता है | ऐसा करने से हाथों के सारे बिंदु दबते हैं और धीरे धीरे शरीर में व्याप्त रोगों में सुधार होता है | इसका अभ्यास हम पद्मासन, सुखासन या फिर चलते वक़्त पार्क में भी कर सकते हैं | शुरू में इसका अभ्यास कम कम से काम दो मिनट तक करें | फिर इसको रोज़ाना बढ़ाते हुए रोजाना दस मिनट तक करें |

 ताली ध्यान में भी लाभ देती है योग


ध्यान साधना करते वक़्त भी ताली योग सहायक होता है | जब हम ध्यान में बैठते हैं तो हमारी आँखें बंद होती हैं लेकिन हमारे कान खुले होते हैं | जरा सी आहट होने पे हमारा ध्यान भंग होने की संभावना होती है | लेकिन जब हम ताली बजाते हैं तो हमारा ध्यान ताली की आवाज़ से तालमेल बिठा लेता है और हमारे मन का बाहरी चीज़ों से सम्बन्ध टूट जाता है | इस तरह हम ध्यान का अभ्यास करते हैं |

 ताली आखिर कैसे बजाएं


पेट संबधी रोग जैसे गैस (acidity), कब्ज़(constipation), अपच (indigestion) या तनाव (stress), एकाग्रता में कमी (lack of concentration), स्वभाव में चिड़चिड़ापन से परेशान हैं, तो दाएं हाथ की चार उंगलियां को बाएं हाथ की हथेलियों पर ज़ोर ज़ोर से मारना चाहिए | इस अभ्यास को सुबह शाम कम से कम पांच मिनट करें | यदि निम्न रक्तचाप (high blood pressure) की समस्या है, तो ताली बजाकर तुरंत ऊर्जावान बन सकते हैं | ऐसे लोगों को खड़े होकर दोनों हाथों को सामने लाकर ताली बजाते हुए नीचे से ऊपर की ओर गोलाकार घुमाना चाहिए और दिशा नीचे से ऊपर की ओर रखना चाहिए | निम्न रक्तचाप (low blood pressure) को सामन्य करने में भी ये लाभकारी है | दिल की बीमारयों, सर्वाइकल, अनिद्रा और अवसाद, तनाव, कुंठा जैसे रोग भी इससे दूर हो जाते हैं |

खर्राटों की समस्या और शवसन नालियों की बाधा भी दूर हो जाती हैं | हाथों की दसों उंगलियां पर उंगलियां और हथेली पर हथेली को ज़ोर ज़ोर से मारते हुए एक साथ एक ही जैसी आवाज़ में ताली योग का अभ्यास करें |

ताली बजाने से आपके खून में white blood cells को शक्ति मिलती है, जिससे रोग प्रतिरोधक शक्ति में इज़ाफ़ा होता है जो आपको कई बीमारियों से बचाती है | इस योग से दिल के रोग, गर्दन और कमर के दर्द जैसे रोगों में भी बोहोत लाभ मिलता है| तीव्र गति से इसका अभ्यास करने से हमारे शरीर का तापमान बढ़ा देता है, जिससे कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद मिलती है |

सावधानी : दिल के रोगी (heart patients)  और उच्च रक्तचाप (high blood pressure) के रोगी किसी गुरु के सानिध्य में ही ये ताली योग करें |

धन्यवाद | 


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